हरिद्वार। हरिद्वार के कार शोरूम के मालिक ग्राहकों को पुरानी कार नई बताकर बेच रहे हैं। या फिर एक्सीडेंटल कार को भी डेंटिंग—पेंटिंग कराकर ग्राहक को बेच दे रहे हैं। पोल खुलने के बाद भी ग्राहक की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में ग्राहक ठगे जा रहे हैं। यहीं नहीं आरटीओ में रजिस्ट्रेशन के नाम के साथ सामान बदलने के नाम पर भी लूट कर रहे हैं। हाल में हरिद्वार जिले में दो मामले ऐसे आए हैं।
बहादराबाद क्षेत्र के एक शोरूम के सेल्समैन ने सेकेंड हैंड कार ही बेच दी। जब उसका रजिस्ट्रेशन 6 महीने तक नहीं हुआ तो ग्राहक को इसकी जानकारी हुई। शोरूम के मालिकों ने उसकी शिकायत पर कोई अमल नहीं किया।
अब दूसरा मामला हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र के हजारीबाग निवासी नीरज कुमार के साथ हुआ है। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्होंने 30 दिसंबर 2025 को मंगलौर से एक टाटा सफारी खरीदी थी। डिलीवरी के समय शोरूम के स्टाफ ने विश्वास दिलाया कि गाड़ी की पूरी जांच हो चुकी है और वो बिल्कुल नई है।
पीड़ित को धोखाधड़ी का पता तब चला जब पीड़ित पांच जनवरी को गाड़ी में फॉग लाइट लगवाने के लिए एक बाहरी मैकेनिक के पास गए। मैकेनिक ने बोनट खोलते ही बताया कि गाड़ी पहले से ही एक्सीडेंटल है। इसके बाद पीड़ित ने प्रोफेशनल इंस्पेक्शन कराया जिसकी रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में फेन्डर एलएचएस और आरएचएस दोबारा पेंट किए हुए हैं। बोनट पत्ती, फ्रंट डोर के साथ-साथ दोनों हेड लाइटें डैमेज पाई गई।
इसके बाद पीड़ित ने तहरीर में शोरूम के डायरेक्टर मोहित संगल, मुकेश संगल, जनरल मैनेजर अवि गुप्ता, ब्रांच मैनेजर मनीष और सेल्समैन शुभम पर साजिश रचने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन लोगों ने अपने फायदे के लिए जानबूझकर एक्सीडेंटल गाड़ी बेची है। कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब शोरूम के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच करने में जुट गई है।
