रुड़की (मुकेश जैन)। सीमित संसाधनों और संघर्ष भरे माहौल में पली-बढ़ी पिरान कलियर की बेटी फ़ैरुज़ फ़ातिमा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 708वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बनकर क्षेत्र और उत्तराखंड का नाम रोशन कर दिया है। खास बात यह है कि फ़ैरुज़ फ़ातिमा रग्बी खिलाड़ी भी रही हैं और उन्होंने सोनाली नदी के ग्राउंड से अपने खेल जीवन की शुरुआत की थी।

फ़ैरुज़ फ़ातिमा के पिता इक़बाल साहब ट्रक ड्राइवर हैं। आर्थिक सीमाओं के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पिता के इसी विश्वास और त्याग को फ़ैरुज़ फ़ातिमा ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से सार्थक कर दिखाया।
बताया जाता है कि दो वर्ष पहले फ़ैरुज़ फ़ातिमा का चयन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर भी हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और निरंतर तैयारी जारी रखी। आखिरकार उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया।
उनकी इस उपलब्धि से नगर पंचायत पिरान कलियर सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ़ैरुज़ फ़ातिमा की सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा है और यह साबित करती है कि अगर परिवार का साथ और मेहनत का जज्बा हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
आईएएस बनने पर उत्तराखंड रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यकांत सैनी, कोषाध्यक्ष आयुष सैनी, सचिव यशवंत सिंह, फिटनेस ट्रेनर आकाश सिंह तथा सानू और साहिल ने फ़ैरुज़ फ़ातिमा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

